होती जा रही है
धीरे धीरे से हमें तुम से मुहब्बत होती जा रही है, ख़ुशियों में हर पल अब बरकत होती जा रही है । सब कुछ भूलने लगे हैं, यहाँ तक कि ख़ुद को भी, जब से तुम से हमारी ये सोहबत होती जा रही है । चाहा और पा भी लिया तुम्हे, ग़ज़ब बात है ये, लग रहा है कि ख़ुदा की रहमत होती जा रही है । कोई ये माने या ना माने लेकिन तुम मेरे ही हो, हाथों की लकीरों में जैसे हरक़त होती जा रही है । नामुमकिन है अब एक पल भी तुम बिना, ‘अख़्तर’ ज़िन्दगी जैसे की तुम्हारी आदत होती जा रही है ।